श्री हनुमंत कथा: कोरबा के ग्राम ढपढप में आस्था का सैलाब, 21 हजार कलशों के साथ नारी शक्ति ने रचा इतिहास


श्री हनुमंत कथा : कोरबा के ग्राम ढपढप में आस्था का सैलाब, 21 हजार कलशों के साथ नारी शक्ति ने रचा इतिहास

हनुमंत कथा के मंगल शुभारंभ पर पीतांबरी साड़ियों में सजी महिलाओं ने निकाली भव्य यात्रा; जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हुआ अंचल

कोरबा।छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ढपढप क्षेत्र में शुक्रवार को भक्ति और शक्ति का एक ऐसा संगम देखने को मिला, जिसे देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। अवसर था ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा’ के भव्य शुभारंभ का, जिसकी शुरुआत 21 हजार महिलाओं द्वारा निकाली गई विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। अनुशासन और श्रद्धा की इस मिसाल ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम एक नजर में

ऐतिहासिक भागीदारी: लगभग 21,000 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पदयात्रा की।

पीतांबरी आभा: पीले वस्त्रों में सजी श्रद्धालुओं के कारण सड़कों पर ‘पीला सागर’ उमड़ता दिखाई दिया।

भक्तिमय उद्घोष: यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “वीर हनुमान” के नारों से पूरा आकाश गूंज उठा।

पुष्प वर्षा से स्वागत: मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने फूल बरसाकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।

नारी शक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

यह कलश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और नारी शक्ति का प्रतीक बनकर उभरी। दूर-दराज के गांवों से आईं हजारों महिलाओं ने जिस अनुशासन के साथ कदम से कदम मिलाया, वह आयोजन समिति की सफलता का प्रमाण रहा। सनातन संस्कृति के इस गौरवशाली दृश्य ने सिद्ध कर दिया कि भक्ति की शक्ति समाज को एकजुट करने का सबसे बड़ा माध्यम है।

कथा का उल्लास

कलश यात्रा के साथ ही अब ढपढप क्षेत्र में श्री हनुमंत कथा की अमृत वर्षा शुरू हो चुकी है। इस भव्य शुरुआत ने आने वाले दिनों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के लिए एक ठोस और ऊर्जावान आधार तैयार कर दिया है।

 

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