अलाव बना मौत की वजह: सोते रहे परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से दर्दनाक मौत


गया। बिहार में गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुर्किहार महादलित टोला में बोरसी से धुएं से दम घुटने पर एक ही परिवार के एक महिला सहित 2 बच्चों को मौत हो गई। गंगा मांझी की 60 वर्षीय पत्नी मीणा देवी और उसके नाती 5 साल के सुजीत कुमार और 6 साल की नातिन अंशी कुमारी की मौत हो गई है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है।

ज्ञात हो की मृतक के दो बेटे दूसरे राज्य में ईंट भट्ठा पर काम करते है और मृतक मीणा देवी अपनी बेटी और नाती नातिन के साथ अपने गांव कुर्किहार में रहती थी। मीणा का दामाद भी चेन्नई में किसी प्राइवेट कंपनी में मजदूरी का काम करता है। बेटी काजल देवी दो महीने पहले ही अपने मायके आई थी और मंगलवार की रात में ठंड से बचने के लिए घर के कमरे में बोरसी जला कर सोती थी जिससे उसके ही बच्चों और मां की मौत हो गई।

मृतक बच्चों की मां काजल देवी ने बताया की रात में हम लोग बोरसी जलाकर सोये थे। जब मां और बच्चों को उठाया तो वह नहीं उठे। मेरी भी उठने की हिम्मत नहीं हो रही थी. वंही गांव के वार्ड सदस्य सावित्री कुमारी ने बताया कि हमें सुबह में घटना की जानकारी मिली है। हम आये तो पता चला कि एक महिला और दो बच्चो की मौत हो गई है और घटना का मुख्य कारण दम घुटना है। जंहा पर परिवार के लोग सोये हुए थे उस कमरे में एक जगह से भी धुएं और गैस निकलने का कोई जगह नहीं है और यह लोग आग जला कर सोये हुए थे, इसी से घटना घटी है।