रायपुर। बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। उच्च न्यायालय बिलासपुर के जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने यह निर्णय सुनाया है। फिलहाल, उन्हें ईओडब्ल्यू और ईडी मामले में जमानत मिली है। अन्य मामलों में जांच जारी है।
18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को ईडी ने दुर्ग भिलाई से गिरफ्तार किया था. ED और ACB/EOW की कार्रवाई को बघेल ने असंवैधानिक बताया था। इस मामले में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा के सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया। 19 दिसम्बर को कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इसे लेकर कांग्रेस संचार मीडिया के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला द्वारा जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि चैतन्य बघेल को बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिली है हम लोगों को इस बात का पूरा अंदाजा था कि न्याय जरूर आएगा। यह बड़ी कानूनी राहत है। हमें पूरा भरोसा था कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता है।
3200 करोड़ का शराब घोटाला- ईडी
ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में 3200 करोड़ के घोटाले का दावा किया है। इस स्कैम की अभी जांच चल रही है। ईडी की शराब घोटाले को लेकर जांच में कई अहम खुलासे भी हुए हैं। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, मुख्यमंत्री की पूर्व उपसचिव रही सौम्या चौरसिया के साथ ही व्यवसायी अनवर ढेबर, सहित कई अन्य आईएएस पदाधिकारी भी इसमें शामिल है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में लगभग 20 करोड़ रुपए चैतन्य बघेल द्वारा लिया गया और उनकी भूमिका को देखते हुए 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने की गिरफ्तार किया था और उस समय से चैतन्य बघेल जेल में बंद थे।
ईडी ने शराब घोटाले में पेश किया था चार्जशीट : वर्तमान समय में शराब घोटाले की जांच तेजी से चल रही है और इसे प्रवर्तन निदेशालय ने काफी मजबूती से तैयार भी किया है। 26 दिसंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने 29,800 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दायर की। जिसमें मनी लांड्रिंग के पुख्ता दस्तावेज मिलने का दावा किया गया।
चैतन्य बघेल को लेकर ईडी का खुलासा : आबकारी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को मुख्य कड़ी माना था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर तैनात सौम्या चौरसिया को आबकारी घोटाले में मिडिएटर की भूमिका के तौर पर शामिल किया था। DMF घोटाले में भी सौम्या चौरसिया की भूमिका संदेहास्पद रही है, जिस पर वह जमानत पर थीं, लेकिन 17 दिसंबर 2025 को आबकारी घोटाले में सौम्या चौरसिया को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान समय में सौम्या चौरसिया जेल में हैं।
शराब घोटाले केस में अब तक ये अरेस्ट
- सेवानिवृत्त आईएएस ऑफिसर अनिल टुटेजा
- शराब कारोबारी अनवर ढेबर (रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई)
- अरुण पति त्रिपाठी (तत्कालीन सीएसएमसीएल के एमडी)
- अरविंद सिंह
- नितेश पुरोहित
- सुनील दत्त
- त्रिलोक सिंह ढील्लन (कारोबारी)
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
- विकास अग्रवाल
- अनुराग द्विवेदी
- अनुराग सिंह
- दिलीप पांडे
- दीपक द्वारी
- चैतन्य बघेल (अब जमानत मिली)

