Korba News: मिल गया कलियुग का सबसे चमत्कारिक मंदिर! भभूत लेने मात्र से ही बड़े से बड़ा रोग हो जाता है दूर! साक्षात…


कोरबा:- सनातन धर्म धरती का सबसे पुराना धर्म माना है. और इस धर्म में ऐसे- ऐसे रहस्य आज भी मौजूद हैं जिनका पता न आज तक विज्ञान लगा पाया है न कोई और. देश में कई ऐसे मंदिर हैं जिनके चमत्कारों को देख बड़े से बडे़ वैज्ञानिक भी सर झुका लेते हैं. तो आज हम आपको ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी भभूत मात्र से दावा है कि बड़े से बड़े रोग दूर हो जाते हैं. तो जानते हैं इस मंदिर का क्या इतिहास है?

गुफा में विराजमान हैं भगवान
दरअसल ये बड़ा राम मंदिर है जो छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के सीतामढ़ी में स्थित है. यहां एक गुफा मंदिर में भगवान राम, लक्ष्मण और अत्रि मुनि की सातवीं शताब्दी की प्राचीन मूर्तियां हैं. यह स्थान न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि यहां का जो वातावरण है वो अद्भुत है.

100 से ज्यादा सालों से जल रही है धूनि
बड़ा राम मंदिर की विशेषता इसकी जलती हुई अखंड धूनि है, जो लगभग 130 सालों से लगातार जल रही है. इस धूनि का मानवता से गहरा संबंध है. पुजारी भजनलाल पंडा जी के अनुसार, यह धूनि उनके गुरु महाराज श्री श्री 1008 जगन्नाथ दास जी महाराज द्वारा शुरू की गई थी. जगन्नाथ दास जी एक सिद्ध पुरुष थे और भगवान हनुमान के भक्त थे. उन्होंने 2007 में समाधि ली, लेकिन उनकी जलाई हुई अखंड धूनी आज तक जल रही है.

भबूत से रोग हो जाते हैं दूर
पुजारी भजनलाल पंडा जी ने बताया कि जब उनके गुरु इस स्थान पर बैठते थे, तो यहां भक्तों की बड़ी भीड़ लगती थी. वह इस धूनि से निकली भभूत प्रदान करते थे, जिससे अनेक भक्तों के रोग दूर हो जाते थे. आज भी लोग इस धूनि के दर्शन करने और इससे भभूत पाने हेतु यहां आते हैं. भक्तों की आस्था आज भी इस जलती हुई धूनि से जुड़ी हुई है. यह जगह आस्था रखने वालों के लिए एक धार्मिक अनुभूति का स्रोत है.

लोगों में हैं गहरी आस्था
इस गुफा मंदिर के पास स्थित बड़ा राम मंदिर का महत्व और भी बढ़ जाता है, जब यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और भक्तों का अगाध विश्वास देखा जाता है. इस मंदिर के आस-पास की शांति का माहौल भक्तों का मन मोह लेता है. बड़ा राम मंदिर और उसकी जलती हुई अखंड धूनि एक अद्वितीय स्थल है, जो आस्था व विश्वास को दिखाता है.