बीच सड़क में दो सांड की लड़ाई, कई वाहन क्षतिग्रस्त……बाल बाल बचे लोग
कोरबा/ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस: कोरबा शहर के सड़कों पर मवेशियों के जमाने को आसानी से देखा जा सकता है, मुख्य मार्गो से लेकर गली मोहल्ले की गलियों में भी निराश्रित मवेशियों का जमावड़ा लोगों के लिए परेशानी बन गई है, मवेशियों की धमाचौकड़ी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. ताजा मामले में कोरबा शहर के मध्य घंटाघर मुख्य मार्ग पर दो सांड पहले खड़े हुए थे, उसके बाद अचानक दोनों लड़ने लगे। लोगों को लगा कि थोड़ी देर बाद वे शांत हो जाएंगे, लेकिन लड़ते-लड़ते वह बीच सड़क पर आ गए। दोनों एक दूसरे पर हमला कर रहे थे। इस घटना के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई बाइक सवार जान जोखिम में डालकर रास्ते से पार हो रहे थे तभी एक बाइक सवार लड़ रहे सांड से टकरा गया और नीचे गिर गया और फिर किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग गया नहीं तो उसे गंभीर चोटे भी आ सकती थी।
दोनों सांड लड़ते समय सड़क किनारे खडे कई वाहनों से जा टकराये। वाहन एक के बाद एक गिरते हुए नजर आ रहे थे। दोनों सांड की लड़ाई आधे घंटे तक नजर आई। कुछ स्थानीय दुकानदारों और राहांगीरों ने उन्हें भागाने की कोशिश जरूर की लेकिन उसके बाद भी दोनों लड़ते रहे। फोटोकॉपी ग्राफिक के संचालक डायमंड कुमार ने बताया कि अक्सर घंटाघर और आसपास इलाकों में सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा देखा जाता है, जिससे चलते कई बार सड़क हादसे भी हो चुके हैं। सांड लड़ते हुए सड़क पर दिखते है कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि ऐसी मवेशियों को पकड़कर नगर गौशाला या फिर गौ सेवा करने वाले लोगों के सुपुर्द किया जाए, ताकि उनकी देखरेख समय पर होती रहे और लोग इस दुर्घटना से बचे। नगर निगम के द्वारा लगातार सड़क किनारे मवेशियों को पकड़ कर गौशाला या गौठान में रख रही है। पुलिस विभाग के द्वारा भी लगातार मवेशियों के चलते हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने उस पर अंकुश लगाने के लिए मवेशियों के गले मे रेडियम लगा रही है, ताकि रात के वक्त अंधेरे में नजर आए और इसी तरह की घटना ना हो इससे वह भी सुरक्षित रहे और राहगीर भी सुरक्षित रहे। पुलिस के अलावा कई विभिन्न सामाजिक संगठन और गौ सेवक भी इस तरह का प्रयास कर रहे हैं।