INDIA. आगामी जनगणना 2027 को लेकर एक अहम बदलाव सामने आया है, जो सामाजिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार अब साथ रह रहे यानी लिव-इन संबंध में रहने वाले जोड़े, अगर खुद को स्थायी संबंध में मानते हैं, तो उन्हें जनगणना में विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें परिवार की संरचना, सुविधाएं और सदस्यों की स्थिति शामिल होगी। यह प्रक्रिया 45 दिनों तक चलेगी, जिसमें शुरुआती 15 दिन स्व-गणना के लिए निर्धारित किए गए हैं और उसके बाद 30 दिन गणनाकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी।
बता दें कि स्व-गणना की सुविधा के तहत परिवार का मुखिया या कोई भी जिम्मेदार वयस्क सदस्य मोबाइल सत्यापन के बाद पोर्टल पर जाकर पूरी जानकारी भर सकता है। इसमें घर की लोकेशन को सही तरीके से चिन्हित करना भी जरूरी होगा, ताकि बाद में गणनाकर्मी आसानी से सत्यापन कर सकें।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जनगणना में दी गई जानकारी के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। गणनाकर्मी वही जानकारी दर्ज करेंगे जो व्यक्ति अपने ज्ञान और विश्वास के आधार पर बताएगा।
बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित सर्वरों पर आधारित होगी और सभी आंकड़ों को गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही, स्व-गणना के दौरान भरा गया फॉर्म बाद में गणनाकर्मी द्वारा सत्यापित किया जाएगा, जिससे डेटा की सटीकता बनी रहे।

