चंद मिनटों में राख हो गया परिवार
हादसा केवलारी चौराहे के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार जैसे ही गड्ढे में गिरी, इंजन में आग भड़क उठी। कार के दरवाजे लॉक होने के कारण अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके। घटना में नगारची केलकर (65), उनकी बहू सविता केलकर (28) और पोते अभि केलकर (3) ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। आग इतनी विकराल थी कि कार लोहे के ढांचे में तब्दील हो गई।
राहगीरों ने दिखाई बहादुरी, 3 की बची जान
चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार के शीशे तोड़े। उन्होंने कार चला रहे सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, हालांकि दोनों गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उन्हें गोंदिया (महाराष्ट्र) रेफर किया गया है। इस हादसे में सबसे चमत्कारी बात यह रही कि 8 साल की बच्ची पूर्वी राहांगडाले पूरी तरह सुरक्षित बच गई।
झपकी बनी हादसे की वजह?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला के अनुसार, सीतम केलकर अपने गांव पोंडी से मलाजखंड लौट रहा था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि देर रात होने के कारण चालक को झपकी आ गई होगी। कार पेट्रोल से चलने वाली थी, जिसके कारण आग तेजी से फैली। मलाजखंड नगर पालिका की फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।



