वॉशिंगटन : अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी टकराव अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। अपदस्थ वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिका की एक संघीय अदालत में पेश किया गया, जहां दोनों ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिलिया फ्लोरेस की हालत बेहद खराब दिखाई दी, जिससे सुनवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।
चेहरे और सिर पर पट्टियां, आंख पर चोट के निशान
कोर्ट में पेश होते समय सिलिया फ्लोरेस के चेहरे और सिर पर पट्टियां बंधी हुई थीं। उनकी दाहिनी आंख पर चोट के गहरे निशान नजर आए और वह लगातार सिर झुकाए दिखाई दीं। सुनवाई के दौरान उन्हें मेज तक बैठने के लिए भी सहायता की जरूरत पड़ी। फ्लोरेस के वकील मार्क डोनेली ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी और कथित अपहरण के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें तत्काल मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत हो सकती है। वकील ने आशंका जताई कि फ्लोरेस की एक या एक से अधिक पसलियां टूट सकती हैं।
लिया फ्लोरेस के वकील ने अदालत से मांग की कि उनकी क्लाइंट की पूरी मेडिकल जांच कराई जाए और पूरे शरीर का एक्स-रे किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति सामने आ सके। डोनेली ने कहा कि फ्रैक्चर या अंदरूनी चोटों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मादुरो ने आरोपों से किया इनकार
इस दौरान निकोलस मादुरो भी अदालत में मौजूद रहे। उन पर कोकीन आयात, हथियार तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मादुरो ने स्पेनिश भाषा में कोर्ट को संबोधित करते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूं। यहां जिन आरोपों का जिक्र किया गया है, उनमें से किसी में भी मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक शरीफ इंसान हूं।” मादुरो के वकील बैरी पोलैक ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा दी जानी चाहिए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च 2025 की तारीख तय की है। तब तक दोनों को न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
कोर्ट में दिखा तनाव, एक-दूसरे को देखते रहे दंपत्ति
‘द संडे गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मादुरो और फ्लोरेस दोनों ही काफी तनाव में नजर आए। दोनों को बैठने और उठने में कठिनाई हो रही थी। मादुरो बार-बार अपनी पत्नी की ओर देखते रहे, जबकि फ्लोरेस अपने पति की तुलना में अधिक शांत दिखाई दीं।
बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाले जाने का दावा
इस पूरे मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद और गहरा गया है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूएस आर्मी ने दोनों को उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला।
वेनेजुएला की तीखी प्रतिक्रिया
घटना के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली और अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मादुरो का अपहरण किया है और यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला है।

