जांजगीर-चांपा। अकलतरा पुलिस ने शेयर मार्केट और रियल स्टेट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी बीते कई वर्षों से बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा सहित आसपास के जिलों के लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ठग रहा था और करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बाद फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का नाम प्रमोद कुमार वैष्णव, पिता स्वर्गीय मोचन दास वैष्णव, उम्र लगभग 40 वर्ष, निवासी जवाहर नगर अकलतरा है। आरोपी वर्ष 2022-2023 से अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह स्वयं को शेयर मार्केट और रियल स्टेट का कारोबारी बताकर लोगों को हर माह 15 प्रतिशत मुनाफा देने का झांसा देता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी महेन्द्र कुमार कश्यप, निवासी कामता थाना शिवरीनारायण ने थाना अकलतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि जून 2024 में उसकी जान-पहचान प्रमोद कुमार वैष्णव से हुई, जिसने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए अधिक लाभ का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेने के लिए आरोपी ने अपने नाम से इकरारनामा किया और एचडीएफसी बैंक का 10 लाख रुपये का चेक भी प्रार्थी को दिया। आरोपी के झांसे में आकर प्रार्थी ने अपनी बेटी की शादी के लिए धान बेचकर जमा किए गए 10 लाख रुपये नगद आरोपी को सौंप दिए।
कुछ समय बाद आरोपी का मोबाइल फोन बंद आने लगा और वह अपने घर से भी फरार पाया गया। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह आरोपी ने कौशल प्रसाद कश्यप से 10 लाख रुपये तथा हीरा लाल कश्यप, निवासी चोरभट्टी से 5 लाख रुपये की ठगी की थी। सभी पीड़ितों को आरोपी द्वारा चेक और इकरारनामा देकर भरोसे में लिया गया था।
आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य शिकायतों के आधार पर यह भी पता चला कि आरोपी ने शेयर मार्केट और रियल स्टेट के नाम पर 10 से 15 अन्य लोगों से भी लाखों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की, गवाहों के कथन लेखबद्ध किए और आरोपी द्वारा दिए गए चेक व इकरारनामे जप्त किए।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कोरबा, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिलों में करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक वेगनआर कार, एक अन्य कार और यामाहा मोटरसाइकिल जप्त की है। जप्त वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा आरोपी द्वारा ठगी से अर्जित अन्य संपत्तियों, भूमि और मकान से संबंधित जानकारी की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
आरोपी के विरुद्ध धारा 420 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आरोपी के अन्य सहयोगी फिलहाल फरार हैं, जिनकी पतासाजी लगातार की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई में इस बड़े ठगी प्रकरण से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।