कुसमुंडा-इमली छापर मार्ग बदहाल: गड्ढों में तब्दील सड़क, जिम्मेदार मौन, राहगीरों को परेशानी
भरत यादव/ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
कुसमुंडा/कोरबा। औद्योगिक क्षेत्र कुसमुंडा से कोरबा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। इमली छापर चौक के पास लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे यह मार्ग अब किसी ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के जाल) से कम नजर नहीं आता। लंबे समय से उपेक्षित इस सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे न केवल सफर को मुश्किल बना रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का सबब भी बन रहे हैं। लंबे समय से क्षेत्रवासी जर्जर सड़क को पक्का सड़क करने की मांग कर रहे हैं लेकिन अधिकारियों के कान में जूँ तक नहीं रेंग रही है
मरम्मत के नाम पर केवल ‘खानापूर्ति’
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग द्वारा सड़क सुधार के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। गड्ढों को पत्थर या डामर से भरने के बजाय उनमें मिट्टी डाल दी जाती है। मिट्टी कीचड़ का रूप ले लेती है, जिससे सड़क पर जबरदस्त फिसलन बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा खतरा दुपहिया वाहन चालकों को हो रहा है, जिनके वाहन अनियंत्रित होकर स्लिप हो रहे हैं।
अधूरा फ्लाईओवर और भारी वाहनों का दबाव
इमली छापर के पास प्रस्तावित फ्लाईओवर का काम लंबे समय से बंद पड़ा है। निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण मुख्य सड़क पर दबाव बढ़ गया है। कुसमुंडा से कोरबा मार्ग पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। भारी वाहनों के अनवरत परिचालन और सड़क की खराब हालत की वजह से यहाँ घंटों जाम लगना अब आम बात हो गई है।
जनता में पनप रहा है भारी आक्रोश
सड़क की इस दुर्दशा को लेकर क्षेत्रीय जनता और राहगीरों में प्रशासन के प्रति गहरा गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि
कई बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
जिम्मेदार विभाग और अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं मिट्टी भरकर अस्थायी समाधान करने से समस्या और भी विकराल हो गई है।
“यह मार्ग अब चलने लायक नहीं बचा है। धूल और गड्ढों के बीच सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है। अगर जल्द ही पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो यहाँ किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।” — राजा सिँह ( राहगीर )
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
क्षेत्र के नागरिकों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से कई बार यहां मांग की है कि कि इमली छापर चौक की इस 200 मीटर की सड़क को प्राथमिकता के आधार पर पक्का कराया जाए और रुके हुए फ्लाईओवर के काम को गति दी जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
