हाथियों का आतंक: फसलों और मवेशियों को भारी नुकसान
कोरबा/छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस: वनमंडल के कुदमुरा और पसरखेत रेंज में 37 हाथियों का दल लगातार उत्पात मचा रहा है। इनमें से 25 हाथी कुदमुरा रेंज के चचिया बिट में सक्रिय हैं, जबकि 11 हाथी पसरखेत रेंज के मदनपुर जंगल में डेरा डाले हुए हैं। बीती रात चचिया बिट में हाथियों ने एक मवेशी को मार डाला, एक ग्रामीण की झोपड़ी और दीवार को ढहा दिया, साथ ही धान की फसलों को तहस-नहस कर भारी नुकसान पहुंचाया। क्षेत्र के ग्रामीण दहशत और चिंता में हैं।
जानकारी के अनुसार, बैगामार जंगल में बच्चन सिंह की गाय चारा चरने गई थी, तभी हाथियों ने उस पर हमला कर उसकी जान ले ली। आज सुबह मालिक को गाय का शव जंगल में मिला, जहां हाथियों के पैरों के निशान साफ दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा, बैगामार में ही एक ग्रामीण की झोपड़ी और दीवार को हाथियों ने तोड़ दिया, जिससे कई ग्रामीणों की धान की फसल बर्बाद हो गई।
पसरखेत रेंज में 11 हाथियों का दल भी धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। यह दल दिन में मदनपुर जंगल में विश्राम करता है और शाम होते ही खेतों में पहुंचकर उत्पात मचाता है। उधर, कटघोरा वनमंडल के एतमानगर, जटगा और केंदई रेंज में भी तीन दर्जन से अधिक हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनकी निगरानी वन विभाग द्वारा की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार हमलों से उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। वे वन विभाग से तत्काल कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन ग्रामीणों का भय और नुकसान कम होने का नाम नहीं ले रहा।