स्थानीय युवाओं को 90% आरक्षण की मांग, 15 मार्च को ठप्प होगा खदानों में उत्पादन

कोरबा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस | छत्तीसगढ़ के ऊर्जा धानी कोरबा में स्थानीय रोजगार और भू-विस्थापितों के हक की लड़ाई एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। भारतीय जनता सेक्यूलर पार्टी (B.J.S.P.) ने स्थानीय निजी माइनिंग कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 15 मार्च 2026 को जिले की खदानों में उत्पादन ठप्प करने (महा खदान बंद) का ऐलान किया है।

स्थानीय युवाओं को दरकिनार करने का आरोप
पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील विश्वकर्मा ने जिलाधीश (कलेक्टर) को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि नीलकंठ माइनिंग कंपनी समेत अन्य निजी कंपनियां स्थानीय भू-विस्थापितों और प्रभावितों की अनदेखी कर रही हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पिछले कई वर्षों से स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में भारी रोष है।
पार्टी ने प्रशासन के सामने अपनी शर्तें रखते हुए 14 मार्च तक का समय दिया है।
निजी कोयला खदानों में स्थानीय लोगों को 90 प्रतिशत रोजगार अनिवार्य रूप से दिया जाए। भू-विस्थापितों और प्रभावित परिवारों को नौकरी में प्राथमिकता मिले।
B.J.S.P. ने चेतावनी दी है कि यदि 14 मार्च तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 मार्च को खदान बंद किया जाएगा संगठन ने साफ कर दिया है कि इस आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की समस्या के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।

