आज रात होगा होलिका दहन, जानिए शुभ मुहूर्त और राख का महत्व


Holika Dahan : आज पूरे दिन भद्रा रहेगी लेकिन शास्त्रों के अनुसार भद्रा में होलिका दहन करना वर्जित होता है। हालांकि भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन कर सकते है। ऐसे में आज भद्रा का पुच्छकाल रात 11 बजकर 54 मिनट से लेकर रात्रि 01 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, जिसमें होलिका दहन कर सकते हैं।

होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में होलिका दहन करने से पूजा का विशेष महत्व होता है। साथ ही होलिका दहन की राख को भी बहुत ही शुभ माना जाता है। होलिका दहन के बाद लोग इसकी राख को अपने घर ले जाते हैं, जहां पर मुख्य दरवाजे पर इसे लगाते हैं। मान्यता है इससे नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।

होलिका दहन को लेकर भ्रम क्यों ? : इस वर्ष होलिका दहन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि 2 या 3 मार्च को कब होलिका दहन करना होगा शुभ। कई ज्योतिष के जानकार 2 मार्च को होलिका दहन करना ज्यादा शुभ और लाभकारी बता रहे हैं। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू हो गई जो अगले दिन यानी 3 मार्च को शाम 5 बजकर 08 मिनट पर खत्म होगी। लेकिन भद्रा 2 मार्च को ही शाम 5 बजकर 28 मिनट पर लगेगी और यह रात 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगी।

शास्त्रों में होलिका दहन भद्रा में करना वर्जित माना जाता है, लेकिन अगर होलिका दहन के दिन पूरी रात भद्रा रहे तो भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन करना उचित रहेगा। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को भद्रा पुच्छ रात 11 बजकर 53 मिनट से लेकर रात्रि 01 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दौरान होलिका दहन करना शुभ रहेगा। वहीं 3 मार्च को चंद्रग्रहण लगेगा जिसमें होलिका दहन करना वर्जित रहता है।

होलिका दहन में कौन-कौन सी चीजें जरूरी :  होलिका दहन से पहले विधि-विधान से होलिका पूजन का विशेष महत्व होता है। पूजन के बाद ही होलिका दहन करना शुभ माना जाता है। अग्नि में कई चीजों को अर्पित करने का विधान होता है। होलिका दहन में विशेष सामग्रियों को अर्पित करने से जीवन में से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। होलिका दहन पर इन चीजों के जरूर करें अर्पित।

नारियल
धूप
रोली
गुलाल
अनाज
उपलों से बनी माला
सरसों का दान
पान और सुपारी
गेहूं और चने की बालियां

होलिका दहन पूजा विधि : भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण कई ज्योतिष के जानकार, आज यानी 02 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ मान रहे हैं। होलिका दहन करने से पहले होलिका की पूजा करने का विशेष विधान होता है। होलिकी पूजन में सबसे पहले आपको रोली, अक्षत, गुड़, नारियल और बताशे  अर्पित करें फिर होलिका को जल अर्पित करते हुए परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। इसके बाद अग्नि को प्रच्वलित करें।

होलिका दहन में इन चीजों को करें अर्पित : होलिका दहन में भगवान विष्णु और भक्त प्रह्रलाद की पूजा करें और अग्नि में जौं और गेहूं की बालियां को अर्पित करना बहुत ही शुभ फलदायी साबित होता है। नई फसल की आहुति देने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।