HEALTH. आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, काम का दबाव, सोशल मीडिया तुलना और अकेलापन — ये सब मेंटल हेल्थ पर गहरा असर डाल सकते हैं। अगर उदासी और थकान लंबे समय तक बनी रहे, तो यह डिप्रेशन (अवसाद) का संकेत हो सकता है। सही समय पर पहचान और छोटे-छोटे कदम आपको बड़ी परेशानी से बचा सकते हैं।
Depression के आम लक्षण
अगर ये लक्षण 2 हफ्ते या उससे ज्यादा लगातार दिखें, तो ध्यान देने की ज़रूरत है:
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हर समय उदासी, खालीपन या निराशा महसूस होना
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पहले जिन चीज़ों में खुशी मिलती थी, उनमें दिलचस्पी कम होना
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नींद बहुत कम या बहुत ज्यादा आना
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भूख में बदलाव — बहुत ज्यादा या बहुत कम खाना
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थकान, ऊर्जा की कमी, काम में मन न लगना
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चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ना
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खुद को बेकार या दोषी महसूस करना
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ध्यान लगाने और निर्णय लेने में दिक्कत
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बार-बार नकारात्मक या खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार
बचाव और सुधार के आसान तरीके
1. रूटीन बनाएं
हर दिन सोने-जागने, खाने और काम का समय तय रखें। नियमितता दिमाग को स्थिर करती है।
2. शारीरिक गतिविधि
30 मिनट वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज़ मूड बेहतर करती है और तनाव हार्मोन कम करती है।
3. खुलकर बात करें
दोस्त, परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति से मन की बात साझा करना बहुत राहत देता है।
4. स्क्रीन टाइम सीमित करें
सोशल मीडिया तुलना और ओवर-इन्फॉर्मेशन चिंता बढ़ा सकते हैं। दिन में तय समय ही इस्तेमाल करें।
5. माइंडफुलनेस और ब्रीदिंग
गहरी सांस, मेडिटेशन, प्राणायाम — ये दिमाग को शांत रखते हैं और फोकस बढ़ाते हैं।
6. प्रोफेशनल मदद लें
लक्षण बढ़ें या लंबे समय तक रहें, तो काउंसलर/साइकोलॉजिस्ट/साइकेट्रिस्ट से मिलना बिल्कुल सामान्य और ज़रूरी कदम है।
कब तुरंत मदद लें?
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नींद-भूख पूरी तरह बिगड़ जाए
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रोज़मर्रा के काम करना मुश्किल लगे
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खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ
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पैनिक अटैक या लगातार रोना
याद रखें: डिप्रेशन कमजोरी नहीं, एक ट्रीटेबल कंडीशन है। समय पर पहचान, सही सपोर्ट और छोटे-छोटे पॉजिटिव कदम आपकी मानसिक सेहत को मजबूत बना सकते हैं।

