NATIONAL: भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक और चमकती हुई ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को लेकर राजस्थान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक तरफ देशभर में इन लग्जरी ट्रेनों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं राजस्थान के उदयपुर से चलने वाली दो वंदे भारत ट्रेनों के पहिए हमेशा के लिए थमने जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के इस फैसले ने नियमित यात्रियों और पर्यटकों को हैरान कर दिया है।
अचानक क्यों लिया गया ये फैसला?
रेलवे के गलियारों में इस बात की चर्चा है कि इन दोनों रूटों पर उम्मीद के मुताबिक मुसाफिर नहीं मिल रहे थे। खाली सीटों और भारी परिचालन खर्च के गणित ने रेलवे को इन ट्रेनों को बंद करने पर मजबूर कर दिया है। 14 फरवरी को उदयपुर-जयपुर और 15 फरवरी को उदयपुर-आगरा कैंट रूट की वंदे भारत अपनी आखिरी यात्रा पूरी करेंगी। इसके बाद ये ट्रेनें इन पटरियों पर नजर नहीं आएंगी।
एक दरवाजा बंद तो दूसरा खुला: अब गुजरात का सफर होगा आसान
भले ही दो पुराने रूट बंद हो रहे हों, लेकिन उदयपुर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर भी है। रेलवे ने उदयपुर सिटी से असारवा (अहमदाबाद) के बीच एक बिल्कुल नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दे दी है। यह नई ट्रेन राजस्थान और गुजरात के बीच के व्यापारिक और पर्यटन रिश्तों को और मजबूती देगी। यह ट्रेन सुबह तड़के उदयपुर से रवाना होकर दोपहर से पहले ही अहमदाबाद पहुंचा देगी, जिससे एक ही दिन में काम निपटाकर वापस आना आसान हो जाएगा।
रेलवे का बदलता गणित
रेल मंत्री के मुताबिक देशभर में वंदे भारत की लोकप्रियता बढ़ रही है और 160 से ज्यादा सेवाएं सफलता से चल रही हैं। लेकिन उदयपुर के इन दो रूटों ने साबित कर दिया है कि सिर्फ आधुनिक सुविधाएं ही काफी नहीं हैं, बल्कि सही रूट और यात्रियों की संख्या भी उतनी ही जरूरी है। अब रेलवे का पूरा ध्यान उन रास्तों पर है जहाँ कम समय में ज्यादा यात्रियों को सेवा दी जा सके।

