नई दिल्ली : 1 फरवरी 2026 से देशभर में कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। सरकार ने इन बदलावों को बजट दिवस के साथ लागू करने का फैसला लिया है, ताकि नई आर्थिक नीतियों और नियमों का प्रभाव एक साथ देखा जा सके। गैस की कीमतों से लेकर टैक्स, FASTag और बैंकिंग से जुड़े नियमों तक, ये सभी बदलाव आम लोगों के खर्च और योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। आइए जानते हैं 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाले इन 5 बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से।
LPG Gas Cylinder: LPG सिलेंडर की कीमतों में संशोधन
हर महीने की तरह इस बार भी 1 फरवरी को एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी की जाएंगी। खासतौर पर 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। यदि कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ेगा, वहीं कीमतें घटने की स्थिति में उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है। होटल और छोटे व्यवसायों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
1 फरवरी को तेल कंपनियां CNG, PNG और ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की नई दरें भी जारी करेंगी। CNG और PNG के दाम बढ़ने या घटने से वाहन चालकों और घरेलू उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा। वहीं ATF की कीमतों में बदलाव का असर हवाई यात्रा पर पड़ सकता है। अगर ATF महंगा हुआ तो फ्लाइट टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं।
February mein Ye Chizein Hongi Mehengi: तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ेगा सरकार ने पान-मसाला, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नए उत्पाद शुल्क और उपकर (Cess) लगाने का फैसला किया है। इसके लागू होते ही इन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य न सिर्फ राजस्व बढ़ाना है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से इन उत्पादों की खपत को भी हतोत्साहित करना है।
February ke Badlav: FASTag यूजर्स को बड़ी राहत
FASTag इस्तेमाल करने वालों के लिए 1 फरवरी से राहत भरा नियम लागू होगा। नए FASTag लेने वाले यूजर्स को अब वाहन KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। इससे FASTag लेना आसान और तेज हो जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा मिलेगा।
Bank Holidays: फरवरी में बैंक छुट्टियां
फरवरी महीने में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सूची के अनुसार कई दिन बैंकों में छुट्टियां रहेंगी। इनमें साप्ताहिक अवकाश और कुछ राष्ट्रीय व क्षेत्रीय छुट्टियां शामिल हैं। ऐसे में बैंक से जुड़े जरूरी कामों की योजना पहले से बनाना जरूरी होगा, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।