बांकी मोंगरा के वार्ड क्रमांक 01 की बदहाल तस्वीर: पानी, सड़क और रोजगार के लिए तरस रहे लोग, पार्षद ने प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़/ भरत यादव, कोरबा
कोरबा / बांकीमोंगरा: विकास के दावों के बीच नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा का वार्ड क्रमांक 01 बांकी बस्ती एवं पुरैना बस्ती आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंसू बहा रहा है। पेयजल संकट, जर्जर सड़कें, आंगनबाड़ियों की दुर्दशा, बेरोजगारी और सिंचाई की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वार्ड पार्षद इन्द्रदीप कंवर द्वारा नगर पालिका, जिला प्रशासन और SECL प्रबंधन को लगातार गुहार लगाने के बावजूद नतीजा ‘सिफर’ रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।

बूंद-बूंद पानी को तरसते लोग (पेजल संकट)
क्षेत्र की सबसे भयावह समस्या पीने के पानी की है। सरकारी नल-जल योजना पूरी तरह ठप नजर आ रही है। टेप नल से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। मजबूरन कई परिवारों को पार्षद इन्द्रदीप कंवर के घर के पास स्थित बोरवेल से बाल्टी और डिब्बों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है। नहाने और निस्तारी के लिए लोग तालाब के गंदे पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे त्वचा और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

गड्ढों में तब्दील सड़कें
बांकीमोंगरा से दीपका को जोड़ने वाली मुख्य सड़क सहित वार्ड की अंदरूनी सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं।
आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
पुरैना बस्ती में सीसी रोड निर्माण की मांग लंबे समय से अटकी हुई है, नगर पालिका को आवेदन देने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।

किराए के कमरों में बचपन (आंगनबाड़ी की बदहाली)
शिक्षा और नौनिहालों के विकास को लेकर प्रशासन का रवैया उदासीन है।पुरैना की एक आंगनबाड़ी पिछले दो वर्षों से किराए के भवन में चल रही है।
दूसरी आंगनबाड़ी के पास खुद का भवन नहीं है और वह सामुदायिक भवनमें संचालित हो रही है।
SECL प्रभावित क्षेत्र, फिर भी युवा बेरोजगार
यह क्षेत्र SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की खदानों से प्रभावित है, लेकिन इसका खामियाजा सिर्फ स्थानीय लोग भुगत रहे हैं, फायदा नहीं मिल रहा। पार्षद ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए, लेकिन प्रबंधन इस पर मौन है।

सूखते खेत, डैम निर्माण की मांग
खदानों और अत्यधिक जल दोहन के कारण क्षेत्र का वाटर लेवल (भूजल स्तर) काफी नीचे चला गया है। किसानों ने सिंचाई और जल संकट के समाधान के लिए नाले पर डैम (बांध) निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।

सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं” — पार्षद इन्द्रदीप कंवर
वार्ड पार्षद इन्द्रदीप कंवर ने प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा की पानी, सड़क, स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी भवन, रोजगार, खेल मैदान का विकास और हैंडपंप मरम्मत जैसी हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए नगर पालिका, कलेक्टर कार्यालय और SECL प्रबंधन को लिखित आवेदन दिए हैं। लेकिन दुख की बात है कि बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”
जनता का सवाल: आखिर कब तक झेलें उपेक्षा?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले एक वर्ष में नाममात्र के विकास कार्य हुए हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब जनप्रतिनिधि द्वारा लगातार आवेदन दिए जा रहे हैं, तो प्रशासन समाधान करने में इतनी देरी क्यों कर रहा है?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन, नगर पालिका परिषद और SECL प्रबंधन इस बदहाली का संज्ञान लेकर कब तक जागते हैं, या फिर वार्ड 01 के वासियों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए ऐसे ही संघर्ष करना पड़ेगा।



