बादलों के आगोश में मड़वारानी पहाड़ और हसदेव का उफान: कोरबा में दिखा आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम
कोरबा/ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस. News नागपंचमी के पावन अवसर पर कोरबा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ मड़वारानी पहाड़ पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मुख्य मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने पहाड़ की ऊंचाइयों से प्रकृति के अद्भुत और मनोरम दृश्यों का जमकर आनंद लिया।

सावन की फुहार में हरियाली के बीच दिखा हसदेव का विहंगम रूप
सावन की फुहारों के बीच मड़वारानी पहाड़ का पूरा इलाका इन दिनों बादलों, धुंध और कोहरे की चादर से ढका हुआ है। चारों तरफ फैली हरियाली इस स्थल की खूबसूरती में चार चांद लगा रही है।
पहाड़ की चोटी से जब श्रद्धालुओं ने नीचे की ओर देखा, तो कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी का विराट और विहंगम दृश्य दिखाई दिया। नदी में उफान (बाढ़) और उसका टापू-नुमा पानी से भरा क्षेत्र ऊपर से बेहद मनमोहक लग रहा था। पहाड़ की तलहटी को छूकर बहती हसदेव नदी का यह अलग ही नजारा देखने लायक था।
मोबाइल और कैमरों में कैद किए खूबसूरत पल
पहाड़ के ऊपर से दिखाई देने वाले इस प्राकृतिक सौंदर्य, बादलों के आगोश में लिपटी पहाड़ियों और हसदेव नदी के लबालब पानी के अद्भुत दृश्यों ने हर किसी का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने इस रोमांचक और सुहाने सफर के पलों को अपने कैमरों और मोबाइल फोन में हमेशा के लिए कैद कर लिया। नागपंचमी के इस खास मौके पर धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन का यह अनूठा संगम श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।



