बारिश का कहर: ग्राम अलगीडांड में किसान का मवेशी कोठा और जलाऊ लकड़ी का मकान ढहा, मवेशियों की सुरक्षा पर भी संकट
कोरबा/ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस: जिले में रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। ताजा मामला करतला/पॉपर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अलगीडांड का है, जहां वर्षा के बीच एक गरीब किसान का मवेशी कोठा और जलाऊ लकड़ी रखने वाला मकान भरभराकर ढह गया। इस आपदा से किसान के सामने मवेशियों की सुरक्षा और गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

गनीमत रही कि टला बड़ा हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम अलगीडांड निवासी किसान घुरबीन दास की आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी कमजोर है। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही थी, जिसके चलते कच्ची और कमजोर दीवारें नम हो चुकी थीं। बारिश के दौरान अचानक कोठा धराशायी हो गया। हादसे के वक्त गनीमत यह रही कि मवेशी या परिवार का कोई भी सदस्य इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस दुर्घटना में कोठे के भीतर रखी जलाऊ लकड़ी और अन्य जरूरी सामग्रियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
आर्थिक संकट में घिरे पीड़ित किसान
पशु आश्रय (कोठा) ढह जाने के कारण अब किसान घुरबीन दास के सामने अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। लगातार हो रही बारिश के बीच मवेशियों को खुले आसमान के नीचे रखना मुमकिन नहीं है, और संसाधनों के अभाव में किसान खुद को लाचार महसूस कर रहा है।

पीड़ित किसान को प्रशासन से आस
पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आस लगाई है कि राजस्व एवं संबंधित विभाग की टीम को तत्काल ग्राम अलगीडांड भेजकर हुए नुकसान का मैदानी सर्वे कराया जाए। साथ ही, प्राकृतिक आपदा राहत प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य योजनाओं के तहत पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी चिंता
लगातार जारी बारिश के चलते ग्रामीण अंचलों में बने कच्चे, पुराने मकानों और पशु शेडों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित संज्ञान ले, ताकि समय रहते पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाई जा सके।




