INTERNATIONAL. पाकिस्तान, जो खुद को बांग्लादेश का दोस्त बता रहा है, अब एक नए संकट का सामना कर रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर ब्रेक लगाते हुए उसकी चार प्रमुख कंपनियों पर बैन लगा दिया है। यह कदम पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर तब जब देश पहले से ही कर्ज और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
अमेरिका ने पाकिस्तान की नेशनल डेवलपमेंट कॉपलैक्स (NDC), अख्तर एंड संस प्राइवेट लिमिटेड, एफिलिएट्स इंटरनेशनल और रॉकसाइट इंटरप्राइज जैसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें से एनडीसी (National Development Complex) ने पाकिस्तान की शाहीन मिसाइल को विकसित किया था, जो पाकिस्तान के बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम का हिस्सा है।
अमेरिका ने यह कदम खासकर पाकिस्तान की शाहीन-III और अबाबिल परमाणु मिसाइलों के खतरे को देखते हुए उठाया है। इन मिसाइलों की लंबी दूरी और सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, अमेरिका ने पाकिस्तान के इन कंपनियों पर बैन लगाते हुए कहा कि अब इन कंपनियों को अमेरिकी सामान नहीं भेजा जा सकेगा। इसके साथ ही, अमेरिका के नागरिक या व्यवसायी इन कंपनियों से किसी भी प्रकार के कारोबारी संबंध नहीं रख सकेंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि यह प्रतिबंध एक कार्यकारी आदेश के तहत लगाए गए हैं, जो सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और उनके वितरण के साधनों को लक्षित करता है। पाकिस्तान ने इस कदम को “दुर्भाग्यपूर्ण और पक्षपातपूर्ण” बताते हुए कहा है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगी और सैन्य विषमताओं को बढ़ाएगी।
इससे पहले भी अमेरिका पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम और आतंकवाद को लेकर कई बार आलोचना कर चुका है, लेकिन अब इस प्रतिबंध के साथ पाकिस्तान को एक नया चुनौतीपूर्ण मोर्चा खोलना पड़ा है।