जमीन का टुकड़ा बना जान का दुश्मन: किसान क्रेडिट कार्ड के विवाद में भतीजे ने ली 85 साल के बुजुर्ग चाचा की जान
रिपोर्ट : भरत यादव | 7999608199
कोरबा / पसान/ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस: जिले के पसान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरिया से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर उपजे विवाद ने ऐसा खूनी रूप लिया कि एक कलयुगी भतीजे ने अपने ही 85 वर्षीय बुजुर्ग चाचा को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

क्या था पूरा विवाद?
कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के अनुसार, मृतक बबन राम यादव (निवासी सीपतपारा, पिपरिया) और उनके भतीजे सोनू उर्फ अशोक यादव (23, पिता राम प्रसाद यादव) के बीच पिछले एक साल से पुश्तैनी जमीन के हिस्से को लेकर लगातार खींचतान चल रही थी।
विवाद की मुख्य वजह जमीन का मालिकाना हक थी। जमीन का खातादार बुजुर्ग चाचा के नाम होने के कारण आरोपी भतीजा अपना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नहीं बनवा पा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश और कड़वाहट दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी।
खौफनाक सुबह और वारदात
मामला 22 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे तूल पकड़ गया। जमीन के बंटवारे के पुराने विवाद को लेकर दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हो गई। इस दौरान गुस्से में आकर बुजुर्ग बबन राम यादव ने कथित तौर पर अशोक को गाली देते हुए डंडे से पीट दिया।
बात इतनी बढ़ गई कि आवेश में आए 23 वर्षीय भतीजे अशोक यादव ने घर में रखी टंगिया (कुल्हाड़ी) उठाई और अपने ही बुजुर्ग चाचा पर ताबड़तोड़ जोरदार वार कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण बबन राम यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भतीजा गांव से फरार हो गया था और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के शहडोल इलाके में छिपकर अपनी पहचान छुपा रहा था।
पसान पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी चुपचाप वापस अपने गांव लौट आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव में दबिश दी और आरोपी अशोक यादव को धर दबोचा। पूछताछ के बाद पुलिस ने तमाम वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया है।




