इंडस पब्लिक स्कूल, दीपका में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ इन्वेस्टिचर डे समारोह, छात्र परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने ग्रहण की नेतृत्व, सेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा की जिम्मेदारी
इंडस पब्लिक स्कूल, दीपका में नए छात्र नेतृत्व का हुआ सम्मान, गरिमामय इन्वेस्टिचर डे समारोह संपन्न।
विशेष को हेड बॉय एवं पल्लवी उइके को हेड गर्ल के रूप में नियुक्त किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने अनुशासन, समर्पण और आदर्श नेतृत्व का संकल्प लिया।
पद नहीं, जिम्मेदारी है नेतृत्व की पहचान” — इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ इन्वेस्टिचर डे समारोह
विद्यार्थी जीवन में मिली जिम्मेदारियां भविष्य के नेतृत्व की नींव रखती हैं। अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच ही एक सफल नेता की वास्तविक पहचान है।”
— डॉ. संजय गुप्ता

कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस News : इंडस पब्लिक स्कूल, दीपका में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के “इन्वेस्टिचर डे” का आयोजन अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवगठित विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों को विद्यालय के अनुशासन, नेतृत्व एवं उत्तरदायित्व का दायित्व सौंपते हुए पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रघुबीर नारायण, डीआईजी, CISF, SECL थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विपिन मलिक (निदेशक, ACB India Ltd.), सतीश शर्मा (प्राचार्य, DPS NTPC) तथा टी. पी. राव (प्राचार्य, DAV गेवरा) की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा में चार चाँद लगा दिए।

दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। तत्पश्चात छात्र परिषद के निर्वाचित पदाधिकारियों को बैज एवं सैश पहनाकर नेतृत्व का दायित्व सौंपा गया।
इस अवसर पर हेड बॉय के रूप में विशेष सिहाग, हेड गर्ल के रूप में पल्लवी उइके, स्पोर्ट्स सेक्रेटरी (बालक) शिवम सिहाग, स्पोर्ट्स सेक्रेटरी (बालिका) अनोखी अग्रवाल तथा कल्चरल सेक्रेटरी पायल सहारन सहित विभिन्न सदनों के हाउस प्रीफेक्ट्स को भी पदभार ग्रहण कराया गया।

नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और उत्तरदायित्व निभाने की प्रतिबद्धता है। सच्चा नेता वही है, जो अपने आचरण से दूसरों को प्रेरित करे।”
— रघुबीर नारायण (DIG, CISF)
मुख्य अतिथि रघुबीर नारायण ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों से कहा कि “नेतृत्व अधिकार का नहीं, अपितु उत्तरदायित्व, अनुशासन, सेवा और आदर्श आचरण का प्रतीक है।” उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने उद्बोधनों में विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सेवा-भाव को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया तथा विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
*विशिष्ट अतिथि प्राचार्य सतीश* शर्मा कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की प्रथम पाठशाला है, जहाँ नेतृत्व, सहयोग, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संस्कार विकसित होता है। उन्होंने नवनिर्वाचित छात्र परिषद के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेंगे तथा विद्यालय की गरिमा और अनुशासन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।
अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कर्तव्यपरायणता, विनम्रता, सत्यनिष्ठा और उत्कृष्टता को अपने जीवन का ध्येय बनाकर राष्ट्र एवं समाज के आदर्श नागरिक बनने का सतत प्रयास करें।


*अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, गेवरा के प्राचार्य टी. पी. राव ने कहा कि—*
“नेतृत्व किसी पद अथवा अधिकार का पर्याय नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, उत्तरदायित्व एवं आदर्श चरित्र का जीवंत स्वरूप है। एक सच्चा विद्यार्थी-नेता अपने आचरण, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा से दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।”
उन्होंने कहा कि इन्वेस्टिचर समारोह केवल पदभार ग्रहण करने का अवसर नहीं, बल्कि विद्यालय के प्रति निष्ठा, अनुशासन तथा उत्तरदायित्व के संकल्प का पावन क्षण है। विद्यार्थी परिषद के प्रत्येक सदस्य को निष्पक्षता, सहिष्णुता, सहयोग एवं सेवा-भाव को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।
श्री राव ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे उत्कृष्ट नेतृत्व, नैतिक मूल्यों, समयपालन तथा दृढ़ संकल्प के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और विद्यालय की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को निरंतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रयास करें।
*डॉक्टर संजय गुप्ता (प्रिंसपल इंडस पब्लिक स्कूल दीपका )* ने कहा कि “नेतृत्व कोई अलंकार नहीं, अपितु उत्तरदायित्व का सर्वोच्च स्वरूप है। पद व्यक्ति को महान नहीं बनाता, बल्कि उसके आदर्श विचार, अनुशासित आचरण, सेवा-भाव और कर्तव्यनिष्ठा उसे महान बनाते हैं।” उन्होंने कहा कि इन्वेस्टिचर डे केवल बैज धारण करने का समारोह नहीं, बल्कि विद्यालय के आदर्शों, अनुशासन एवं उत्कृष्टता के प्रति समर्पण का पावन संकल्प है। विद्यार्थी परिषद के प्रत्येक सदस्य को सदैव सत्य, न्याय, निष्पक्षता एवं विनम्रता के मार्ग पर चलते हुए अपने सहपाठियों के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए।

पद केवल पहचान देता है, लेकिन आदर्श विचार, अनुशासित व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा व्यक्ति को महान बनाते हैं।”*
— डॉ. संजय गुप्ता, प्राचार्य
डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र-निर्माण, नेतृत्व-कौशल, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों का विकास है। उन्होंने नवनिर्वाचित छात्र परिषद को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रत्येक निर्णय में विद्यालय के हित को सर्वोपरि रखें तथा अपने कार्यों से अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता की नई परंपराएँ स्थापित करें।
उन्होंने आगे कहा—
“आज का उत्तरदायी विद्यार्थी ही कल का सशक्त नागरिक, संवेदनशील समाजसेवी और दूरदर्शी राष्ट्र-निर्माता बनता है। अतः अपने पद को अधिकार का नहीं, सेवा का माध्यम मानें और सदैव सत्य, परिश्रम तथा विनम्रता के पथ पर अग्रसर रहें।”

नेतृत्व की पहचान पद से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने की क्षमता, अनुशासन और सेवा भावना से होती है। जो अपने कर्तव्यों को निष्ठा से निभाता है, वही सच्चा नेतृत्वकर्ता कहलाता है।”
— डॉ. संजय गुप्ता, प्राचार्य
अंत में डॉ. संजय गुप्ता ने सभी नवनिर्वाचित छात्र पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे विद्यालय की गरिमा, अनुशासन एवं उत्कृष्ट परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ नेतृत्व का आदर्श प्रस्तुत करेंगे तथा इंडस पब्लिक स्कूल, दीपका का नाम नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। सम्पूर्ण समारोह गरिमा, अनुशासन एवं उत्साह का अनुपम उदाहरण रहा तथा विद्यार्थियों में नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने में पूर्णतः सफल सिद्ध हुआ।


