
आस्था और उमंग की अनूठी मिसाल: कुशवाहा परिवार के घर विराजे बप्पा, 10 दिनों तक गूंज रहे गणेश मंत्र
रिपोर्ट : भरत यादव | कोरबा | 7999608199
कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस : रामसागरपारा में रहने वाले विजय सिंह कुशवाहा का परिवार इन दिनों आस्था, सेवा और उमंग के एक अनूठे रंग में रंगा हुआ है। वैसे तो गणेशोत्सव का पर्व हर घर में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन कुशवाहा परिवार की यह कहानी अपने आप में बेहद खास और प्रेरणादायक है।
लगातार 10 सालों से जल रही है आस्था की अलख
कुशवाहा परिवार पिछले 10 वर्षों से लगातार अपने घर में भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमा स्थापित कर रहा है। घर के मुखिया विजय सिंह कुशवाहा बताते हैं कि भगवान गणेश को घर में विराजमान करने से उन्हें और उनके पूरे परिवार को जो आनंद और शांति मिलती है, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। गणेशोत्सव को लेकर घर के सभी सदस्यों में खासा क्रेज रहता है। ऐसा लगता है मानो घर में कोई खास मेहमान आया हुआ हो। इस परिवार में शामिल परिवार का हर सदस्य बप्पा की सेवा में पूरी तन्मयता से जुटा हुआ है।

रोज लगते हैं नए पकवानों के भोग और प्रसाद वितरण
इन 10 दिनों के दौरान सुबह-शाम की नियमित पूजा-आरती के साथ-साथ भगवान को रोजाना नए-नए पकवानों का भोग लगाया जाता है। इन विशेष पकवानों को आसपास के लोगों और श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित भी किया जाता है, जिससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।

अनंत चतुर्दशी को होगी भावुक विदाई
पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे इस पर्व का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। उस दिन हवन और विशेष अनुष्ठान के बाद बप्पा को अगले बरस आने का वादा लेकर विदाई दी जाएगी। कुशवाहा परिवार की यह कहानी यह साबित करती है कि भगवान को रिझाने और उत्सव मनाने के लिए धन से ज्यादा सच्ची श्रद्धा, समर्पण और परिवार की एकजुटता मायने रखती है।


