पहली परीक्षा अनिवार्य, दूसरी केवल सुधार (इम्प्रूवमेंट) के लिए ही दें -डॉक्टर संजय गुप्ता


पहली परीक्षा अनिवार्य, दूसरी केवल सुधार (इम्प्रूवमेंट) के लिए ही दें -डॉक्टर संजय गुप्ता

इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने प्रस्तावित दो-परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई प्रश्नों का दिया सटीक एवं सुस्पष्ट जवाब।

परीक्षा हमें समय का मूल्य सिखाती है। यह हमें परिश्रमी, अनुशासित और जिम्मेदार बनाती है – डॉ संजय गुप्ता

कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस : परीक्षा विद्यार्थी जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह केवल अंकों को प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, परिश्रम और अनुशासन की वास्तविक कसौटी होती है। परीक्षा के द्वारा यह ज्ञात होता है कि छात्र ने पूरे वर्ष में कितना अध्ययन किया और विषयों को कितनी गहराई से समझा है।
विद्यालयों में समय-समय पर विभिन्न प्रकार की परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं, जैसे— मासिक परीक्षा, त्रैमासिक परीक्षा, अर्धवार्षिक परीक्षा तथा वार्षिक या बोर्ड परीक्षा। इन परीक्षाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति का मूल्यांकन करना होता है। परीक्षा विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन की आदत डालती है और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर बनाती है।
परीक्षा के समय कुछ विद्यार्थियों में भय और तनाव भी देखा जाता है, परंतु यदि तैयारी नियमित रूप से की जाए तो परीक्षा कठिन नहीं लगती। समय-सारिणी बनाकर पढ़ना, विषयों का पुनरावृत्ति करना, लिखकर अभ्यास करना तथा पर्याप्त विश्राम लेना — ये सभी बातें परीक्षा में सफलता दिलाने में सहायक होती हैं। परीक्षा के दौरान धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक होती है।

डॉक्टर संजय गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा सभी विद्यार्थियों के लिए पहली बार देना अनिवार्य होगा। दूसरी बार परीक्षा केवल उन्हीं छात्रों को देने की अनुमति होगी जो अपने अंक सुधारना चाहते हैं।
2026-27 शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाली इस नई व्यवस्था में छात्र दो बार परीक्षा दे सकेंगे, परंतु पहली परीक्षा में बैठना आवश्यक रहेगा। दूसरी परीक्षा पूरी तरह वैकल्पिक (optional) होगी और केवल सुधार (improvement) के उद्देश्य से होगी। अंतिम परिणाम दोनों में से बेहतर अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा।
डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों का तनाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देना है।

CBSE कक्षा 10 – दो परीक्षा से संबंधित कुछ सवालों के जवाब डॉक्टर संजय गुप्ता के द्वारा –

1. क्या दूसरी बोर्ड परीक्षा अनिवार्य है या वैकल्पिक? अंतिम अंक कैसे तय होंगे?
डॉक्टर संजय गुप्ता – दूसरी परीक्षा अनिवार्य नहीं है। छात्र पहली परीक्षा अवश्य देंगे, जबकि दूसरी परीक्षा केवल सुधार चाहने वाले छात्रों के लिए होगी। अंतिम परिणाम दोनों में से बेहतर अंक के आधार पर घोषित किया जाएगा।
2. परिणाम कैसे घोषित किए जाएंगे?
डॉक्टर संजय गुप्ता :- मुख्य परीक्षा के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। यदि छात्र सुधार परीक्षा देता है, तो बाद में उसका संशोधित (अपडेटेड) परिणाम जारी किया जाएगा।
3. क्या दो-परीक्षा प्रणाली में सभी विषयों की परीक्षा दो बार दी जा सकती है?
डॉक्टर संजय गुप्ता – यह सुविधा केवल कुछ निर्धारित विषयों तक सीमित होगी। सभी विषयों में दोबारा परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी; बोर्ड द्वारा तय विषयों में ही सुधार परीक्षा दी जा सकेगी।
4. क्या दो-परीक्षा प्रणाली के कारण पाठ्यक्रम (सिलेबस) कम किया जाएगा?
डॉक्टर संजय गुप्ता-नहीं, पाठ्यक्रम में कोई कमी नहीं की जाएगी। दोनों परीक्षाएँ पूरे सिलेबस के आधार पर होंगी।
5. राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खेल छात्र एवं विशेष आवश्यकता (CWSN) वाले छात्रों को क्या सुविधा मिलेगी?
डॉक्टर संजय गुप्ता -ऐसे छात्रों को विशेष लचीलापन (flexibility) दिया जाएगा। यदि वे प्रतियोगिताओं या अन्य कारणों से पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो वे दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे, जो CBSE के नियमों के अनुसार मान्य होगी।

CBSE का कहना है कि इस नई व्यवस्था से छात्रों पर एक ही परीक्षा का दबाव कम होगा और उन्हें बेहतर अंक प्राप्त करने का दूसरा अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने का उचित मौका मिलेगा और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ा मानसिक तनाव भी घटेगा।
डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि परीक्षा हमें समय का मूल्य सिखाती है। यह हमें परिश्रमी, अनुशासित और जिम्मेदार बनाती है। असफलता भी हमें निराश होने के बजाय और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देती है, क्योंकि हर परीक्षा जीवन में आगे बढ़ने का एक नया अवसर प्रदान करती है।
प्राचार्य  ने बोर्ड परीक्षा के सभी विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षा हेतु शुभ कामनाएं देतेहुए कहा कि
आगामी बोर्ड परीक्षा आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह केवल आपके ज्ञान का परीक्षण नहीं, बल्कि आपके धैर्य, परिश्रम और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपने पूरे मनोयोग एवं लगन से अध्ययन किया है और अब अपने प्रयासों को उत्कृष्ट परिणामों में परिवर्तित करने के लिए तत्पर हैं।
परीक्षा के दिनों में समय का सदुपयोग करें, मन को शांत एवं सकारात्मक बनाए रखें तथा प्रश्नपत्र को धैर्यपूर्वक पढ़कर ही उत्तर लिखें। अपनी तैयारी पर विश्वास रखें, क्योंकि सतत परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अनुशासन, एकाग्रता और संयम ही सफलता की कुंजी हैं।
ईश्वर से मेरी हार्दिक प्रार्थना है कि आप सभी उत्तम स्वास्थ्य के साथ परीक्षा में सम्मिलित हों तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा का श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। आप सभी उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हों — यही मेरी मंगलकामना है।
आप सभी को बोर्ड परीक्षा हेतु हार्दिक शुभाशीष एवं सफलता की शुभकामनाएँ।