
प्रतिबंध के बाद भी थमा नहीं अवैध रेत का खेल: उरगा में ट्रैक्टर पलटने से युवक की दर्दनाक मौत, दो गंभीर
मड़वारानी के पास सोन नदी से रेत निकालकर लौट रहा था ट्रैक्टर, अनियंत्रित होकर पलटा
कोरबा । छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़ : जिले में नदी-नालों से रेत निकासी पर पूरी तरह से प्रतिबंध होने के बावजूद अवैध उत्खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी अवैध रेत खनन से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक हादसा उरगा थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां आज गुरुवार सुबह ग्राम मड़वारानी के पास एक अनियंत्रित ट्रैक्टर पलटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

तेज रफ्तार बना हादसे का कारण
जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम मड़वारानी निवासी शिवकुमार पटेल (29 वर्ष), पिता दुबराज पटेल, अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर लेकर सोन नदी से अवैध रूप से रेत निकालने गए थे। बताया जा रहा है कि दोपहर के समय ट्रैक्टर में भारी मात्रा में रेत भरकर वापस लौटते वक्त, ग्राम जर्वे के पास वाहन की रफ्तार तेज थी। असंतुलित होने के कारण ट्रैक्टर अचानक सड़क पर ही पलट गया।
इंजन के नीचे दबा युवक, ग्रामीणों ने निकाला बाहर
हादसा इतना भीषण था कि शिवकुमार पटेल ट्रैक्टर के भारी-भरकम इंजन के नीचे बुरी तरह दब गया। वहीं, ट्रैक्टर चालक अमित कुमार और एक अन्य युवक छिटककर दूर जा गिरे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
मशक्कत के बाद निकाला शव: दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद शिवकुमार को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला और तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई (पोस्टमार्टम) के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
प्रशासनिक दावों की खुली पोल, बेखौफ हैं रेत तस्कर
मड़वारानी की यह घटना एक बार फिर अवैध रेत उत्खनन से जुड़े जोखिमों और प्रशासनिक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करती है।
जिले में रेत खदानों पर पूरी तरह प्रतिबंध है।इसके बावजूद प्रशासनिक सख्ती के दावों को ठेंगा दिखाकर तस्कर बेखौफ होकर नदियों में मशीनों और ट्रैक्टरों के माध्यम से दिन-रात रेत निकाल रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।


