मानसिक तनाव में पिता बना हैवान: 6 साल के मासूम को कुएं में डुबोकर मौत के घाट उतारा


रायगढ़। जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी पिता ने अपने ही 6 वर्षीय मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले बच्चे को कुएं में फेंका और फिर खुद कुएं में उतरकर पानी में डुबोकर उसकी जान ले ली। इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना की जानकारी एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने दी। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान विनोद महेश्वरी (30 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 15, ग्राम जामढोंढ़ी भदरापारा के रूप में हुई है। आरोपी के भाई मनोज महेश्वरी (28 वर्ष) के अनुसार परिवार में तीन भाई हैं। बड़ा भाई विजय अपने परिवार के साथ निर्माणाधीन मकान में रहता है, जबकि आरोपी विनोद अपने दो बेटों (8 वर्ष और 6 वर्ष) के साथ बगल के मकान में रहता था। उसकी पत्नी घरेलू विवाद के चलते उससे अलग रह रही थी, जिससे वह मानसिक तनाव में था।

यह घटना रविवार 8 फरवरी की शाम करीब 6 बजे की है। उस समय विनोद अपने छोटे बेटे के साथ घर के सामने खड़ा था। अगले दिन सुबह जब मनोज महेश्वरी मकान के पीछे स्थित कुएं के पास टुल्लू पंप चालू करने गया, तभी उसे कुएं के अंदर से विनोद की आवाज सुनाई दी, जिसमें वह कह रहा था, “मोटर बंद कर दो, वह भीतर है।” आसपास के लोगों को बुलाने पर जब विनोद से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि उसने अपने छोटे बेटे को हत्या की नीयत से कुएं में फेंक दिया और फिर स्वयं कुएं में उतरकर पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।

सूचना मिलते ही लैलूंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी व बच्चे के शव को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस घटना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और समाज को झकझोर देने वाली घटना है। किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में लेना और मासूम जीवन के साथ इस प्रकार की क्रूरता अस्वीकार्य है। घरेलू तनाव या पारिवारिक विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। समाज और परिवार की जिम्मेदारी है कि मानसिक तनाव के संकेतों को समय रहते गंभीरता से लें। रायगढ़ पुलिस ऐसे जघन्य अपराधों पर त्वरित और कठोर वैधानिक कार्रवाई करती रहेगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है।