ऊर्जाधानी में ‘दिया तले अंधेरा’: 45 डिग्री की भीषण गर्मी में 3 दिनों से बिजली गुल, रात जागकर काट रहे मासूम
कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़: एक तरफ जहां पारा 45 से 46 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है और लोग भीषण गर्मी से त्रस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने आम जनजीवन को नरक बना दिया है। मामला वार्ड क्रमांक 09, सीतामढ़ी के कुम्हार मोहल्ला का है, जहां पिछले 3 दिनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इस भीषण तपिश में बिना बिजली के रहना यहां के निवासियों के लिए किसी सजा से कम नहीं साबित हो रहा है।

बिजली की आंख-मिचौली से जनता त्रस्त, रातें बनीं दुःस्वप्न
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली का खेल लगातार जारी है। चौबीस घंटों में बमुश्किल 1 से 2 घंटे ही बिजली नसीब होती है, और कई बार तो कई दिनों तक दर्शन ही नहीं होते। मोहल्ले की महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा
दिन की गर्मी तो हम जैसे-तैसे बर्दाश्त कर लेते हैं, लेकिन असली मुसीबत रात में होती है। उमस और भीषण गर्मी के कारण छोटे-छोटे बच्चे रात भर सो नहीं पा रहे हैं और बिलखते रहते हैं। बच्चों के साथ-साथ पूरे परिवार को रतजगा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।”
वार्डवासी…. वार्ड क्रमांक 09 कुम्हार मोहल्ला सीतामणि कोरबा
चरितार्थ हो रही ‘दिया तले अंधेरा’ की कहावत
गौरतलब है कि कोरबा जिला पूरे देश-प्रदेश में ऊर्जाधानी के नाम से मशहूर है। यहाँ स्थापित अनेक पावर प्लांटों से हजारों मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है, जिससे दूसरे राज्य रोशन हो रहे हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि दूसरों के घरों को रोशन करने वाला यह जिला खुद अपने ही बाशिंदों को बिजली देने में नाकाम साबित हो रहा है। यहाँ ‘दिया तले अंधेरा’ वाली कहावत सौ फीसदी सच साबित हो रही है।

बिल भेजने में फुर्ती, सुधार में सुस्ती
वार्ड क्रमांक 09 की महिलाओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल भेजने में तो जरा भी देरी नहीं करता, लेकिन जब नियमित बिजली सप्लाई और व्यवस्था दुरुस्त करने की बात आती है। तो कई दिन लग जाते हैं।
शिकायतों का नहीं कोई असर
वार्ड वासियों के मुताबिक, इस लचर व्यवस्था की शिकायत बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन विभाग कान में तेल डाले बैठा है। बार-बार की शिकायतों के बावजूद अब तक सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
रोज-रोज के इस बिजली संकट (बिजली कलह) के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। वार्ड वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, कोरबा। 7999608199





