सर्वमंगला नगर में हर्षोल्लास से मनाया गया दशहरा उत्सव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की मौजूदगी में हुआ रावण दहन

कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़: नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 62, सर्वमंगला नगर (दुरपा ) के बड़े दशहरा मैदान में 21 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य दशहरा उत्सव में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी मौजूदगी में असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक ‘रावण के विशालकाय पुतले’ का दहन किया गया।
अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है विजयादशमी : लखन लाल देवांगन
विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार को कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा विधायक लखन लाल देवांगन शहर के विभिन्न प्रमुख दशहरा उत्सव कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए। इसी कड़ी में 21 अक्टूबर को मंत्री देवांगन सर्वमंगला नगर के बड़े दशहरा मैदान के दशहरा कार्यक्रम में भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को स्मरण करते हुए सभी को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

खचाखच भरा रहा मैदान, ‘जय श्री राम’ से गुंजायमान हुआ प्रांगण
दशहरा मैदान में दोपहर से ही लोगों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। मैदान में तरह-तरह की दुकानें सजी हुई थीं, जहाँ बच्चे, युवा, बुजुर्ग जमकर खरीदारी और खान-पान का आनंद लेते नजर आए। रावण दहन के मुख्य क्षणों के दौरान पूरा मैदान जनसैलाब से खचाखच भर गया। जैसे ही रावण के पुतले में अग्नि प्रज्वलित की गई, पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा।

आतिशबाजी और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
रावण दहन से पूर्व आयोजन समिति की ओर से रंग-बिरंगी भव्य आतिशबाजी की गई, जिसने आसमान को सतरंगी रोशनी से सराबोर कर दिया। दर्शकों के मनोरंजन के लिए समिति द्वारा विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जिसका उपस्थित जनसमूह ने देर रात तक जमकर लुत्फ उठाया।
गाजे-बाजे और डीजे की धुन पर माता रानी को दी भावभीनी विदाई
उत्सव की यह कड़ी अगले दिन भी जारी रही। 22 अक्टूबर को पूरे विधि-विधान, गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और डीजे साउंड सिस्टम की गूंज के साथ माता दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों और जयकारों के साथ माता रानी को भावभीनी विदाई दी तथा सुख-समृद्धि की कामना की।


