आखिर कब सुरक्षित होंगी खदानें? कुसमुंडा में एक और हादसे ने ली ऑपरेटर की जान, सुरक्षा मानकों की खुली पोल
कोरबा। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस news : कोल इंडिया की प्रमुख और सर्वाधिक उत्पादन देने वाली कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कुसमुंडा ओपनकास्ट खदान में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोयला परिवहन में लगा एक भारी डंपर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे डंपर ऑपरेटर नारायण यादव की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मृतक नारायण यादव कोरबा की 15 ब्लॉक कॉलोनी के निवासी थे और एसईसीएल में डंपर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार सामान्य पाली के दौरान वे डंपर में कोयला लोड कर परिवहन कार्य कर रहे थे। इसी दौरान चढ़ाई वाले मार्ग पर वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि मार्ग अपेक्षाकृत संकरा होने के कारण डंपर आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर फिसलने लगा और देखते ही देखते गहरी खाई में जा गिरा।
हादसा इतना भीषण था कि डंपर कई फीट नीचे गिरकर पलट गया। दुर्घटना के बाद वाहन के पहिए ऊपर और केबिन नीचे की ओर दब गया। डंपर के गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी मौके की ओर दौड़े।
सूचना मिलते ही माइंस रेस्क्यू टीम, सुरक्षा विभाग और एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल ऑपरेटर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुसमुंडा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा प्रबंधन पर उठे सवाल
कुसमुंडा खदान में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सुरक्षा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले छह महीनों के दौरान गेवरा और दीपका परियोजनाओं की तुलना में कुसमुंडा क्षेत्र में दुर्घटनाओं की संख्या अधिक रही है। इन घटनाओं में कई कर्मचारियों और श्रमिकों की जान जा चुकी है।
ट्रेड यूनियनों में आक्रोश
घटना के बाद विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने गहरी नाराजगी जताई है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा कर्मचारियों को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि खदानों में सुरक्षित परिवहन मार्ग, नियमित निरीक्षण और भारी वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है।



