सर्वमंगला नगर में 9 घंटे से ब्लैक आउट, रात 11 बजे वार्ड पार्षद रामाधार पटेल सहित वार्ड वासी पहुंचे दर्री बिजली ऑफिस

कोरबा। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़: पूरे देश को रोशन करने वाली ऊर्जा नगरी और औद्योगिक जिले के नाम से मशहूर कोरबा में बिजली व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 61 और 62 (सर्वमंगला नगर) में पिछले 9 घंटे से बिजली पूरी तरह गुल है। शाम लगभग 4 बजे आई आंधी और गरज-चमक के बाद जो बिजली कटी, वह देर रात तक वापस नहीं लौटी है।
इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के रह रहे वार्ड वासियों का हाल बेहाल है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस उमस भरी गर्मी में तड़पने को मजबूर हैं।

जब 9 घंटे तक लगातार बिजली नहीं आई तो वार्ड पार्षद रामाधार पटेल, मंडल अध्यक्ष हीरू जायसवाल, महामंत्री मोहर गोस्वामी सहित युवा साथी रात्रि 11 बजे दर्री बिजली ऑफिस पहुंचे जहां कर्मचारी आराम करते नजर आए वार्ड पार्षद रामाधार पटेल ने सख्त लहजे में कहा कि आप लोग यहां आराम कर रहे हैं और सर्वमंगला नगर वासी पिछले 9 घंटे से अंधेरे में डूबे हुए हैं। तत्काल फॉल्ट ढूंढ कर बिजली बहाल किया जाए । वहां मौजूद बिजली कर्मी ने बताया कि फाल्ट ढूंढने का काम किया जा रहा है जल्दी ही बिजली आ जाएगी. अब देखते हैं बिजली विभाग कितनी फुर्ती से काम करते हैं और बिजली की बहाली करते हैं। जिससे लोगों को राहत मिल सके।
हल्की सी आंधी और घंटों का ब्लैकआउट: सालों पुरानी समस्या
सर्वमंगला नगर के निवासियों का कहना है कि यह कोई आज की समस्या नहीं है, बल्कि वर्षो से ऐसा ही चला आ रहा है। जब भी मौसम थोड़ा सा बदलता है या हल्की सी आंधी चलती है, विभाग से बिजली सप्लाई बंद हो जाती है कहा जाता है पेड़ गिर गया है, खंबे गिर गए हैं तार टूट गया है. लेकिन इसके मरम्मत में घंटों लग जाते हैं इसके बाद भी बिजली कब आएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं रहता। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के इस ढर्रे को लेकर भारी आक्रोश है।
चरितार्थ हो रही है ‘दिया तले अंधेरा’ की कहावत
कोरबा जिला अपनी विशाल बिजली उत्पादन क्षमताओं के लिए जाना जाता है। यहाँ कई बड़े पावर प्लांट हैं, जहाँ से उत्पादित बिजली से दूसरे राज्य भी रोशन होते हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस शहर में बिजली बनती है, वहीं के लोग चंद घंटों की आंधी के बाद अंधेरे में डूब जाते हैं। यह स्थिति “दिया तले अंधेरा” वाली कहावत को पूरी तरह चरितार्थ कर रही है।
भीषण गर्मी में बेहाल हुए लोग
मई के इस महीने में जब पारा आसमान छू रहा है, ऐसे में 9 घंटे से अधिक समय तक बिजली न होना किसी सजा से कम नहीं है। पानी की सप्लाई से लेकर रात की नींद तक, सब कुछ ठप हो जाता है। वार्ड वासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि इस सालों पुरानी जर्जर व्यवस्था को सुधारा जाए. जिससे कि लोगों को राहत मिल सके।


