सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें 25% बढ़ाईं, अब इस देश पर मंडराया तेल का संकट


INTERNATIONAL. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतों में लगातार तेजी आ रही है, जिसका सीधा असर श्रीलंका जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ा है। जंग के बीच श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। लोगों से ईंधन का इस्तेमाल सीमित और बेहद सोच समझकर करने की अपील की गई है।

एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

श्रीलंका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। लगातार हो रही इस वृद्धि के बाद ईंधन के दाम एक बार फिर 2022 के आर्थिक संकट के दौरान के स्तर के करीब पहुंच गए हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वैश्विक संकट का सीधा असर

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल और गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से श्रीलंका को आयात महंगा पड़ रहा है, जिसके चलते सरकार को घरेलू स्तर पर कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा।

सरकार की जनता से अपील

स्थिति को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने लोगों से ईंधन और बिजली का उपयोग सीमित करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में सप्लाई पर और दबाव पड़ सकता है, इसलिए अभी से सतर्कता जरूरी है।

क्यूआर कोड से तय होगी ईंधन की मात्रा

ईंधन की संभावित कमी से निपटने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब वाहनों को क्यूआर कोड के आधार पर सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना और सभी तक समान रूप से आपूर्ति सुनिश्चित करना है।