गणेशोत्सव में बिजली हादसों पर कसने लगा शिकंजा: बिना अस्थायी कनेक्शन पंडालों में नहीं जलेगी लाइट
कोरबा। आगामी 14 सितंबर से शुरू हो रहे गणेश चतुर्थी उत्सव को विघ्नरहित और सुरक्षित बनाने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सख्त रुख अपनाया है। विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के उद्देश्य से कंपनी की ओर से नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है।


नगर संभाग कोरबा के कार्यपालन अभियंता राजेश कुमार चौहान ने तुलसीनगर, पोड़ीमार और दर्री जोन के सहायक अभियंताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत क्षेत्र की सभी गणेश उत्सव समितियों को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराने को कहा गया है।
अस्थायी कनेक्शन अनिवार्य, घटिया तारों के इस्तेमाल पर रोक बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पंडालों में बिजली आपूर्ति नियमानुसार वैध आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद मिले ‘अस्थायी विद्युत कनेक्शन’ से ही की जाएगी। बिना कागजी प्रक्रिया के सीधे बिजली उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, कनेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली केबल, तार और अन्य विद्युत सामग्री को मानक (BIS) स्तर का होना अनिवार्य किया गया है।


ट्रांसफॉर्मर और हाई-टेंशन लाइनों से दूर बनेंगे पंडाल एडवाइजरी में पंडाल निर्माण और आयोजनों को लेकर भी कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पंडालों का निर्माण बिजली के ट्रांसफॉर्मर, कंडक्टर्स और तारों से उचित दूरी पर ही किया जाना चाहिए पंडाल में होने वाले हवन, आरती या अग्नि प्रज्वलन जैसे कार्यक्रमों को बिजली के तारों और उपकरणों से दूर रखने के निर्देश दिए गए है। किसी भी तरह की झांकी या सांस्कृतिक गतिविधि का आयोजन विद्युत लाइनों के ठीक नीचे या पास में नहीं होगा।
जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और उत्सव समितियों से संवाद स्थापित कर इन सुरक्षा नियमों की जानकारी दें, ताकि हादसों से बचा जा सके।


