हल्की बारिश में ही तालाब बना कुसमुंडा का इमली छापर, राहगीर बेहाल, पूरी बरसात कटना मुश्किल
कोरबा /कुसमुंडा। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़/ मानसून की अभी शुरुआत ही हुई है और कुसमुंडा के इमली छापर चौक की बदहाली ने विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी है। पिछले कुछ दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के बाद इस प्रमुख चौक पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे यह सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आने लगी है।
मंगलवार की शाम और फिर बुधवार दोपहर को हुई झमाझम बारिश के बाद यहाँ स्थिति और भी बदतर हो गई। पूरी सड़क लबालब पानी में डूब चुकी है, जिसके कारण यहाँ से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया वाहन चालकों और थ्री-व्हीलर (ऑटो) चालकों को हो रही है।

बरसों पुरानी समस्या, पर ‘स्थाई समाधान’ का इंतजार
स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। पिछले कई वर्षों से हर बरसात में इमली छापर चौक का यही हाल होता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सालों से समस्या जस की तस बनी हुई है। जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
अभी तो पूरी बरसात बाकी….
हल्की और शुरुआती बारिश में जब यह नजारा है, तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले मुख्य बरसाती महीनों (जुलाई-अगस्त) में यहाँ क्या स्थिति होने वाली है। अगर समय रहते इसका कोई स्थाई समाधान*l नहीं निकाला गया, तो यहाँ किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन तत्काल सुध ले और यहाँ जल निकासी की स्थाई व्यवस्था करे, ताकि रोजाना सफर करने वाले हजारों राहगीरों को इस नरकीय स्थिति से निजात मिल सके।

