
अंधेरे और अनियंत्रित स्पीड ब्रेकरों का खौफ: सर्वमंगला-कनबेरी मार्ग बना हादसों का सड़क, दंपति हुए सड़क हादसे का शिकार
स्ट्रीट लाइट के अभाव और मवेशियों के जमावड़े से बढ़ रहा है जान का जोखिम
खैरभावना के पास ब्रेकर पर उछली बाइक, गंभीर रूप से घायल महिला निजी अस्पताल में भर्ती
कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस. News : सर्वमंगला से कनबेरी मार्ग पर सड़क सुरक्षा के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इस व्यस्त मार्ग पर लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं प्रशासन की उदासीनता की पोल खोल रही हैं। मार्ग पर पसरा अंधेरा, बिना रिफ्लेक्टर या संकेतक के बने स्पीड ब्रेकर और सड़क के बीचों-बीच डेरा डालने वाले मवेशी वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ताजा मामले में एक बार फिर इस मार्ग पर बड़ा हादसा टला नहीं और एक दंपति गंभीर रूप से घायल हो गया।

आज फिर हुआ हादसा, महिला घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम लगभग 7:30 बजे सर्वमंगला नगर निवासी एक दंपति अपने घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान वे खैरभावना के पास बने स्पीड ब्रेकर को अंधेरे के कारण देख नहीं पाए। अमानक रूप से बने ब्रेकर के कारण बाइक अचानक उछल गई और अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी।
इस हादसे में बाइक पर सवार महिला को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों को सूचना देने के बाद आनन-फानन में घायल महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
हादसों को न्योता दे रही ये बड़ी समस्याएं
इस पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण शाम ढलते ही घना अंधेरा छा जाता है, जिससे आगे का रास्ता और बाधाएं दिखाई नहीं देतीं, सड़क पर कई स्थानों पर मनमाने ढंग से स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं, जिन पर कोई चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर नहीं लगा है। सड़क के बीचों-बीच मवेशियों के झुंड का बैठे रहना आम बात हो गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक सीधे उनसे टकराकर घायल हो रहे हैं। कई बार भारी वाहनों की चपेट में आने से मवेशियों की भी मौत हो जाती है।
अत्यधिक आवाजाही वाला व्यस्त मार्ग
यह सड़क सर्वमंगला होकर पाली, पड़निया,तरदा,कनकी, बलौदा और पंतोरा होते हुए बिलासपुर तक जाती है, जिस कारण इस पर भारी और हल्के वाहनों की दिन-रात भारी आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद इस ओर प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों और नियमित रूप से आवाजाही करने वाले राहगीरों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत और मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कुंभकर्णी नींद सो रहा है।


