15 घंटे का मिशन रेस्क्यू : जेसीबी के ढलान और बांस की सीढ़ी से कुएं से निकला भालू, रात में सकुशल लौटा जंगल
कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस. News : भोजन की तलाश में निकला एक भालू हादसे का शिकार होकर खुले कुएं में जा गिरा, लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी और 15 घंटे तक चले सूझबूझ भरे ऑपरेशन ने उसकी जान बचा ली। कटघोरा वनमंडल के केंदई वन परिक्षेत्र (ग्राम पंचायत छिंदिया) में चले इस हाई-अलर्ट रेस्क्यू के बाद रात करीब 9:30 बजे भालू सुरक्षित बाहर निकलकर अपने प्राकृतिक आवास (जंगल) की ओर लौट गया।

सुबह गूंजी कुएं से आवाज, मौके पर घेराबंदी
घटना मंगलवार सुबह की है। जब ग्रामीण कुएं के पास से गुजरे, तो उन्हें अंदर से अजीब आवाजें सुनाई दीं। झांककर देखने पर पता चला कि एक भालू कुएं के गहरे पानी और दीवारों के बीच फंसा हुआ है। ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत हरकत में आई वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी की ताकि भीड़ की वजह से भालू और ज्यादा न घबराए।
जेसीबी और बांस की सीढ़ी का ‘मास्टर प्लान’
कुआं काफी गहरा था और भालू काफी डरा हुआ था, जिससे शुरुआती तरीके काम नहीं आए। ऐसे में वन विभाग ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। कुएं के एक किनारे को खोदकर ढलाननुमा रास्ता (Ramp) बनाया गया।कुएं के भीतर एक मजबूत बांस की सीढ़ी उतारी गई ताकि भालू को चढ़ने का आधार मिल सके।
रात करीब 9:30 बजे भालू ने धीरे-धीरे बांस की सीढ़ी पर पैर जमाए और जेसीबी से तैयार किए गए ढलान वाले रास्ते से होकर बाहर निकल आया। बाहर आते ही वह बिना किसी को नुकसान पहुंचाए सीधे जंगल की ओर भाग गया।
टीम वर्क से मिली कामयाबी
यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत के निर्देशन और उप वनमंडलाधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक पूरा हुआ। वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक कुमार दुबे, शारदा प्रसाद शर्मा, मंगल सिंह नायक, गंगाराम नेताम, अशोक कुमार श्रीवास, मुरारी लाल साहू, सिदार संदीप उइके, भोला यादव एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।



