कोरबा के मुख्य मार्गों पर मवेशियों का कब्जा, वाहन चालक परेशान
कोरबा/ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस: न्यूज़: शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर इन दिनों आवारा मवेशियों का डेरा है। दिन हो या रात, बीच सड़क पर बैठी ये मवेशी न सिर्फ यातायात को बाधित कर रही हैं, बल्कि वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है, जो आए दिन इन मवेशियों की धमाचौकड़ी के कारण दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। शहर के सुनालिया, सर्वमंगला पुल सीतामढ़ी, कोहड़िया मुख्य मार्ग टीपी नगर आदि मुख्य मार्गों मवेशियों का झुंड आसानी से देखा जा सकता है।


चौक-चौराहों पर मवेशियों का ‘जाम’, रात का अंधेरा बढ़ा रहा खतरा
शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थिति बेहद खराब है। मवेशियों के झुंड के कारण सड़कों की चौड़ाई आधी रह गई है। नगर के कई ऐसे संवेदनशील इलाके और टर्निंग पॉइंट्स हैं जहाँ स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण रात में घोर अंधेरा रहता है। ऐसे में तेज रफ्तार गाड़ियों को सड़क पर बैठे मवेशी नजर नहीं आते, जिससे गंभीर हादसे हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम ढलते ही सड़कों पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं रह जाता।

पशु मालिकों की लापरवाही, सड़कों को बनाया तबेला
इस पूरी अव्यवस्था के पीछे उन पशु मालिकों की बड़ी लापरवाही है, जो दूध दुहने के बाद अपने मवेशियों को लावारिस छोड़ देते हैं। दिनभर ये मवेशी कचरे के ढेरों और सड़कों पर घूमते रहते हैं। पशु मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई न होने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं और वे अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुके हैं।
नगर निगम की कागजी कार्रवाई, जनता परेशान
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर नगर निगम प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। निगम द्वारा समय-समय पर मवेशियों को पकड़ने और कांजी हाउस भेजने का दावा तो किया जाता है, लेकिन धरातल पर ये सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। दिखावे की कार्रवाई के बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। जब तक निगम कोई ठोस और निरंतर अभियान नहीं चलाएगा, तब तक कोरबा की जनता को इस जानलेवा समस्या से मुक्ति मिलना नामुमकिन है।



